सकरा में पशु चिकित्सक  को बंधक बनाने के आरोप में दो लोग गिरफ्तार

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मुजफ्फरपुर जिले के सकरा   प्रखंड क्षेत्र के रामपुर कृष्ण पंचायत अंतर्गत रेपूरा गांव में प्रखंड पशु चिकित्सक प्रमोद कुमार समेत चार कर्मी को किसानों के द्वारा बंधक बनाए जाने के मामले में  सकरा पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार युवक में विकास कुमार एवं अभिषेक कुमार शामिल है अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई चल रही है ।बताते चलें कि रेपुरा गांव में एयर  टैगिंग के कारण आधा दर्जन से अधिक मवेशी की मृत्यु हो गई है ।वही दर्जनों मवेशी अकारांत है ।आक्रोशित पशुपालकों ने पशु चिकित्सा पदाधिकारी समेत चार लोगों को सही इलाज नहीं करने के कारण घंटों बंधक बना लिया था । करीब 7 घंटे के बाद मुखिया के पहल पर ग्रामीणों ने उन लोगों को बंधक मुक्त कर दिया था। पशु चिकित्सा पदाधिकारी ने उन तमाम पशुपालकों पर सकरा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी । प्राथमिकी के आलोक में त्वरित कार्रवाई करते हुए सकरा पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है । बताते चलें कि रेपुरा गॉव में बुधवार को ग्रामीणों ने पशु चिकित्सक प्रमोद ठाकुर समेत टीका कर्मी अजीत कुमार, प्रमोद कुमार, प्रभात कुमार को बंधक बना लिया था । सुबह आठ बजे ग्रामीणों ने सुरेश ठाकुर , प्रमोद ठाकुर ,लगन ठाकुर ,विश्वनाथ ठाकुर के बीमार पड़े पशुओं को देखने के लिए चिकित्सकों को बुलाया था । पशु चिकित्सक व टीकाकर्मी जब मौके पर पहुंचे तो ग्रामीणों ने उन लोगों को बंधक बना लिया । ग्रामीण प्रमोद ठाकुर ,रामलाल पंडित ,विजय ठाकुर राम कुमार ठाकुर, गगन देव पांडे ,गुड्डू झा, हरिशंकर झा का कहना है कि एयर टैगिंग के कारण उनके मवेशी की मौत हो गई ।अभी भी दर्जनों ऐसे मवेशी है जिनके कान में एयर टैगिंग के कारण जख्म हो गया है जो छूटने का नाम नहीं ले रहा ।जख्म के कारण मवेशियों ने खाना छोड़ दिया वही कमजोर होकर दम तोड़ रहे हैं ।करीब एक  महीना के अंदर आधा दर्जन से अधिक मवेशियों ने दम तोड़ दिया है ।ग्रामीणों का आक्रोश है कि विभाग के द्वारा चलाया गया  एयर टैगिंग मवेशियों के लिए जानलेवा बनता जा रहा है । मवेशियों के नुकसान से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान सहना पड़ रहा है ।अभी भी ग्रामीणों ने कहा है कि भोला झा , विश्वनाथ ठाकुर ,गगन देव पांडे के मवेशी के कान को जख्म के कारण काट कर हटा दिया गया है ।पशु चिकित्सक एवं वरीय महकमा के पास मवेशियों के बीमार होने के बाद उसका इलाज नहीं है जिससे परेशानी पशुपालकों में बढ़ती जा रही थी । चिकित्सक प्रमोद ठाकुर का कहना है कि उन्होंने इस संदर्भ में वरीय महकमा को लिखा है कि वह पशुपालक जिनके मवेशी मर गए हैं उन्हें सरकार की ओर से आर्थिक मदद मिले। परंतु उन्होंने यह भी कहा है कि इसके लिए सरकारी की ओर से कोई आर्थिक मदद नहीं दी जा रही है ।बावजूद इसके वरिय महकमा के कान पर जूं तक नहीं रेंगी ।पंचायत के मुखिया अर्चना कुमारी के समझाने बुझाने के बाद पशुपालकों ने पशु चिकित्सा पदाधिकारी समेत टीकाकर्मियों को बंधक मुक्त कर दिया था ।

पशुपालकों के लिए टैगिग जरूरी

-पशुपालन विभाग की योजनाओं का लाभ पाने के लिए अब किसानों को अपने पालतू जानवरों की टैगिंग अनिवार्य रूप से करनी होगी ।विभाग के अधिकारियों के अनुसार बिना टैगिंग के पशु पालक को पशु पालन से जुड़ी किसी भी योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा। इसके लिए प्रखंडों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है ।बिना टैगिंग वाले पशुपालकों को दी जा रही योजनाओं का लाभ बंद कर दिया जाएगा ।शासन स्तर से किसान की आय बढ़ाने के लिए लगातार पशु पालन पर जोर दिया जा रहा है और किसानों को पशु पालन के लिए प्रेरित करने के लिए जागरूकता कार्यक्रम के साथ-साथ विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही है। खेती और पशुपालन एक सिक्के के दो पहलू हैं मशीनीकरण के इस युग में भले ही खेती में पशुओं की उपयोगिता कम हुई है पर दूध व अन्य व्यवसाय की वजह से पशु पालन किसानों की आय का एक बड़ा साधन बनता जा रहा है ।जिस कारण किसानों को मदद करने के उद्देश्य से एयर टैगिंग अति आवश्यक है ताकि विभाग के पास इस बात की पूरी जानकारी हो कि किस क्षेत्र में कितने पशु पशुपालकों के पास हैं ।


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Vikash Mishra

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