गैंगरेप के बाद दलित लड़की की काटी जीभ..तोड़ी रीढ़ की हड्डी, लड़ रही जिंदगी और मौत की जंग

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हाथरस : उत्तर प्रदेश के हाथरस में एक दलित लड़की के साथ दरिंदगी का ऐसा मामला सामने आया जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाय। यहां एक 19 साल की लड़की के साथ आरोपियों ने पहले तो गैंगरेप किया और उसके साथ मारपीट कर रीढ़ की हड्डी तोड़ दी, इतने से भी हैवानों का मन नहीं भरा तो उन्होंने पीड़ित लड़की की जीभ भी काट दी। विक्टिम लड़की अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही है।

डॉक्टरों का कहना है कि पीड़िता के दोनों हाथ और दोनों पैरों ने काम करना बंद कर दिया है। अब दलित लड़की की हालत बेहद ही नाजुक बनी हुई है। जेएन मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में वेंटिलेटर पर वह जिंदगी की जंग लड़ रही है।

मां को खून से सनी हालत में मिली लड़की
दिलदहला देने वाली यह घटना 14 सितंबर की है। विक्टिम की मां का कहना है कि 14 सितंबर की सुबह वह अपने बेटे और बेटी के साथ चारा लेने गई थी, इस दौरान उसने अपने बेटे को दूर भेज दिया था, जब उसने मुड़कर देखा तो उसे बेटी नहीं दिखाई दी, उसे लगा कि वह घर चली गई होगी, लेकिन जैसे ही उसकी नजर पास में गुलाबी चप्पलों पर पड़ी, उसने बेटी को ढूढने की कोशिश की और उसे घायल हालत में वह एक पेड़ के पास पाया, उस दौरान वह खून से लथपथ थी, लड़की को तुरंत ई रिक्शा से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिसके बाद उसे अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया।

विक्टिम के पुलिस को दिए बयान में बताया नाम
पुलिस अधिकारी विक्रांत वीर ने बताया कि 11 दिन पहले कुछ हैवानों ने 19 साल की दलित लड़की के साथ गैंगरेप किया, उसके बाद उसे अधमरी हालत में सड़क पर छोड़ दिया. पीड़ित लड़की का इलाज अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में चल रहा है, फिलहाल वह वेंटिलेटर पर है, उसकी गर्दन पर भी गंभीर चोट आई है। पुलिस को दिए गए बयान के मुताबिक लड़की के गांव के चार ठाकुर जाति से ताल्लुक रखने वाले युवकों ने उसके साथ गैंगरेप किया और उसे जान से मारने की कोशिश की।

तीन आरोपियों को पुलिस ने किया अरेस्ट
पुलिस से एससी/एसटी एक्ट के तहत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अस्पताल की शुरुआती जांच में लड़की के साथ रेप, गला घोंटने और मारपीट की पुष्टि हुई है। डॉक्टर्स ने कहा कि आगे की जांच की की जा रही है।

विक्टिम फैमिली वाले बोले गांव में ठाकुरों की दबंगई
विक्टिम के परिवार वालों का कहना है कि वे जिस गांव में रह रहे हैं उस गांव की आबादी 600 है। करीब आधी आबादी ठाकुरों की है, जबकि 100 परिवार ब्राह्मणों के हैं, गांव में दलित परिवारों की संख्या काफी कम है जिससे ठाकुर जाति के लोग दंबगई करते रहते हैं। दलित परिवार का कहना है कि उनके घर के पास रहने वाला 20 साल का युवक संदीप अक्सर उनके इलाके में रह रहे दलितों को परेशान करता था। पीड़ित परिवार ने बताया कि करीब 20 साल पहले संदीप के दादा पर भी कथित रूप से पिटाई करने पर एससी/ एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था और उसे तीन महीने की जेल हुई थी।


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