बिहार में बाढ़ः नेशनल पावर ग्रिड में पानी जाने से करीब 12 जिलों में बिजली आपूर्ति ठप, हाहाकार

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पटनाःबिहार के कई जिलों में बाढ़ का तांडव जारी है. इस तरह से राज्य एक साथ कोरोना महामारी और बाढ़ की आपदा का सामना कर रहा है. एक तरफ कोरोना के बढ़ते संक्रमण से हाहाकार मचा था, वहीं दूसरी तरफ बाढ़ से तबाही मची हुई है.

बाढ़ में लोगों के मरने की खबरें भी लगातार आ रही है. उत्तर बिहार के जिलों में बाढ़ और पानी भरे गड्ढों में डूबने से करीब तीन दर्जन लोगों की मौत हो गई. अब यह बाढ़ का पानी दरभंगा में स्थिति नेशनल पावर ग्रिड में घुस गया है. जिसके कारण करीब 12 जिलों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है.

बिहार में कोसी और बूढ़ी गंडक नदियों में उफान के कारण बाढ़ के हालात बिगड़ गए हैं. इन दोनों नदियों में आई उफान ने नए इलाकों में बाढ़ का पानी फैला दिया है. हालांकि राहत की बात यह है कि गंडक बागमती और अधवारा समूह की नदियों का उफान पहले से कम हुआ है.

बड़ी नदियां अभी भी खतरे के निशान के ऊपर
गंगा के जलस्तर में भी हर जगह कमी आई है. लेकिन बड़ी नदियां अभी भी खतरे के निशान के ऊपर है. नेशनल पावर ग्रिड दरभंगा जिले के बहादुरपुर प्रखंड के देकुली गांव स्थित है. इसका संचालन दरभंगा-मोतिहारी ट्रांसमिशन कंपनी नाम से होता है.

ग्रिड में पानी भर जाने से दरभंगा, मुजफ्फरपुर, लोकही, मोतीपुर और समस्तीपुर पावर ग्रिड में 400 केवीए पावर सप्लाइ पूरी तरह ठप हो गई है. बिजली आपूर्ति ठप होने से दरभंगा, सारण, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण, सीवान, पश्चिमी चंपारण, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, सीतामढ़ी, शिवहर और मधुबनी जिलों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है.

इस ग्रिड में बताया जाता है कि भूटान से किशनगंज होते हुए दरभंगा पावर ग्रिड में बिजली पहुंचती है. फिर यहां से 220 केवी के करीब आधा दर्जन ग्रिड को बिजली आपूर्ति की जाती है. बताया जा रहा है कि इस ग्रिड में 22 जुलाई से पानी घुसना शुरू हुआ था. जो बढ़ता गया. अब ग्रिड में करीब चार फीट पानी भर गया है. कई मशीनें डूब गई है.

ग्रिड को री-स्टोर करने में कम से कम तीन महीने का समय लग सकता
तकनीकी जानकारों के अनुसार पानी उतर जाने के बाद भी ग्रिड को री-स्टोर करने में कम से कम तीन महीने का समय लग सकता है. स्टेशन इंचार्ज निशांत कुमार ने बताया कि पानी काफी बढ जाने के कारण पावर सप्लाइ बंद कर दी गई है. सामान्य दिनों में यहां से 960 मेगावाट बिजली की सप्लाइ ग्रिडों में की जाती है.

यहां बता दें कि नेपाल में पिछले दिनों हुई लगातार बारिश के कारण कोसी नदी उफान पर है. साथ ही साथ कोसी की सहायक नदियों के अंदर भी जलस्तर ऊपर जा रहा है. बूढ़ी गंडक भी कई जगहों पर लगातार ऊपर जा रही है. कोसी खतरे के निशान से 180 सेंटीमीटर ऊपर है.

इस के जलस्तर में 10 सेंटीमीटर जबकि कुर्सेला में 12 सेंटीमीटर बढ़ने का अनुमान है. गंगा नदी का जलस्तर कई जगहों पर पहले से कम हुआ है और गंडक भी अब स्थिर हो गई है. हालाकी, गंडक नदी के जल अधिग्रहण वाले इलाकों में अभी भी पानी का भारी दबाव है. बाढ़ के कारण बिहार में अब तकरीबन बारह लाख से ज्यादा में लोग प्रभावित हुए हैं. राज्य के 12 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं. यहां सरकार की तरफ से 26 राहत शिविर चलाए जा रहे हैं.


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