इंटरनेट क्रांति के दौर में ग्रामीण महिलाओं ने ऐप खोज लिए हैं जहां वो आकर्षक वीडियो बना सकें

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हैदराबाद के एक किसान पति-पत्नी दंपत्ति को बॉलीवुड के गानों पर डांस करते देखा जा सकता है. इस ऐप से उनके वीडियोज फेसबुक व व्हॉटसऐप पर फैलते हैं.

नई दिल्ली: वीगो वीडियो ऐप अब तक अपने क्रिएटर्स के लिए फेस्ट ऑर्गेनाइज कराने या फिर वेब सीरिज शुरू के लिए खबरों में आती थी. लेकिन, हाल ही में पश्चिम बंगाल की एक वीगो स्टार वाइफ के दिल्ली आकर गुम हो जाने से ये ऐप चर्चा का विषय बन गई है.

कुछ मेल यूजर्स भारतीय महिलाओं को इससे दूर रहने के लिए सलाह दे रहे हैं तो कुछ यूजर्स जसमीन से अपील कर रहे हैं कि वो अपने पति व बच्ची के पास वापस लौट जाए. जसमीन नाम की ये स्टार बहुत ही कम समय में वीगो सेंसेशन बन गई थीं और पटना, कोलकाता व दिल्ली मिलने के लिए बुलाया जाने लगा था. उनके पति प्रसनजीत मंडल ने वीडियो बनाने के लिए दो फोन भी खरीद कर दे दिए थे.

इंटरनेट क्रांति के दौर में किसी घरेलू महिला के स्टार बनने की बात अब चौंकाने वाली नहीं रही, क्योंकि अब ग्रामीण महिलाओं ने वो सारे ऐप खोज लिए हैं, जहां वो आकर्षक वीडियो बना सकें. इस तरह की सेमी पॉर्नोग्राफिक ऐप पर महिलाएं अपनी मर्जी से यौनकिता भरे वीडियो बना रही हैं. इन वीडियोज में बैकग्राउंड के चौर रसोईघर में रखे बर्तन या गाय-भैंसों के तबेलों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.

वीगो, टिकटॉक ऐप पैरेंट चाइनीज कंपनी बाईटडांस की ही एक ऐप है. इसे 2017 में लॉन्च किया गया था. पहले इसका नाम हिप्स्टर था. लेकिन बाद में इसका नाम वीगो रख दिया गया. वीगो पर अब 20 मिलियन एक्टिव यूजर्स हैं और भारत की मार्केट में लगातार इसका विस्तार होता जा रहा है. बाईटडांस का यूजर बेस 250-300 मिलियन है, जिसमें हेलो ऐप पर 50 मिलियन मंथली एक्टिव यूजर्स रहते हैं तो टिकटॉक पर 120 एक्टिव यूजर्स व वीगो पर 20 मिलियन एक्टिव यूजर्स हैं. टिकटॉक का यूजर बेस अगर टीयर2 और टीयर3 शहर है, तो वीगो ग्रामीण भारत में अपने पांव पसार रही है.

वीगो प्रवक्ता ने कहा, ‘वीगो वीडियो विज्यूल कहानियों के जरिए भारतीय समुदाय के लोगों को एक साथ लाता है. वास्तविक कहानियों के जरिए ये प्लेटफॉर्म अपने 20 मिलियन यूजर्स को उनके दैनिक जिंदगी के बारे में सशक्त करता है. हमारे निर्माता हमारे मूल में हैं और हम उनकी रचनात्मकता को बढ़ाने में मदद करने के लिए हमेशा नवीन सुविधाओं की ओर काम कर रहे हैं.’

इन यूजर्स को रिवॉर्ड देने के लिए ऐप समय-समय पर ‘फैन पावर सीजन’ जैसे कैंपेन चलाती है. इसमें यूजर्स को प्रोत्साहित करने के लिए एक डिजिटल टोकन भी दिया जाता है. बीते चार जनवरी को वीगो ने कोलकाता में चार घंटे का गो वीगो फेस्टिवल ऑर्गेनाइज करवाया था जहां वीगो के ही 300 से ज्यादा लीडिंग कंटेंट क्रिएटर्स आए थे. ऐसे फेस्ट में वीगो ब्यूटी क्वीन जैसे अवॉर्ड भी बांटने लगा है. पश्चिम बंगाल से गायब हुई वीगो स्टार भी ऐसे फेस्ट का हिस्सा बनती थी. लोग दूर दराज गांवों से बसों में बैठकर इन फेस्टों का हिस्सा बनने आते हैं.

कस्बों तक वीगो एप की पहुंच
हैदराबाद के एक किसान पति-पत्नी दंपत्ति को बॉलीवुड के गानों पर डांस करते देखा जा सकता है. इस ऐप से उनके वीडियोज फेसबुक व व्हॉटसऐप पर फैलते हैं. पतले शरीर, धूप से टैन हो चुके सांवले चेहरे और पुराने मैले कपड़ों में वो फिल्मी डायलॉग्स के साथ खेतों में किसी हीरो-हिरोइन की तरह बोलते नजर भी आते हैं. शुरुआती समय में हजार लोग ही उनके वीडियो देख रहे थे. लेकिन अब उनके फॉलोवर्स लाखों में पहुंच गए हैं. लोगों से मिली सराहना के बाद दंपत्ति ने अपने परिवार की अन्य महिला के साथ भी वीडियो बनाना शुरू किया है.

लॉ स्ट्राटा इनकम वाले परिवार के हाथ ये ऐप किसी जादू से कम नहीं है जिसने उनके अस्तित्व को अलग मायना दिया है. पहले दंपत्ति के पास कोई कम रिजोल्यूशन कैमरे वाला फोन था लेकिन अब उनके वीडियोज की क्वालिटी बदल गई है. डाउन होती इकॉनोमी में लॉ स्ट्राटा वाे परिवार तेल व शैंपू का कम इस्तेमाल कर रहे हैं लेकिन वीडियोज के लिए अच्छे कैमरे वाले फोन जरूर खरीद रहे हैं तो ये रिसर्च का विषय भी है.

अजमेर की एक गौशाला की गाय व बैल भी अब वीगो पर डेब्यू कर चुके हैं और उनके वीडियोज बनाते हैं उनके केयर टेकर. ये गाएं व्यूज के मामले में किसी मिलेनियल से कम नहीं हैं. वो सलमान खान के आज की पार्टी मेरी तरफ से गाने के साथ न्यू ईयर भी मनाती नजर आ रही हैं. ईंट-भट्टों पर काम करने वाले बाल मजदूर भी किसी चाचा के फोन से अपनी सबसे चमकीली स्माइल लिए हेलो फ्रेंड्स कहते हुए नजर आते हैं. भले वो अंग्रेजी स्कूलों में ना जा पाए हों लेकिन इसके जरिए वो अंग्रेजी गानों पर झूम लेते हैं. रोचक बात ये है कि कुछ मजदूर उदास ट्यूनों का इस्तेमाल कर अपने वीडियोज का वायरल करने की मांग भी करते हैं. रिंकिया नाम की एक किशोरी अपनी भेड़ बकरियों के बीच ही हिप-होप डांस करती नजर आती हैं. अब जाकर कुछ लोग समझ रहे हैं कि उनके फटे कपड़े और गरीबी भी वायरल मैटियरल है.

जहां एक तरफ नई नवेली दुल्हनों को पर्दे के पीछे रखा जाता है और पति भी अपने दोस्तों से मिलवाने में सकुचाता है वहीं दूसरी तरफ इस ऐप ने संकोच ही दूर कर दिया है. कई दंपत्तियों ने अपने प्राइवेट मोमेंट्स शेयर करने शुरू किए हैं. वो सोते व खाते या कहीं जाते समय सिर्फ वीडियो बना रहे हैं. कुछ फौजियों के लिए टाइम पास का जरिया भी बन गई है. वो किसी घने जंगल के बीच बोरियत से मरने की बजाय बंदूक के साथ किसी देशभक्ति गाने के साथ वीडियो पोस्ट करते हैं. लेकिन वायरल तो स्टेशन पर मां से बिछड़ने वाले वीडियो ही होते हैं जिनके बैकग्राउंड में बॉर्डर फिल्म का ‘मैं वापस आऊंगा’ गाना चल रहा हो.

पागल परिंदा नाम के यूजर को आप अक्सर खेतों में जाकर हाफ पैंट पहनें लौंडा नाच करते हुए ही पाएंगे. चूड़ी के कारखाने में काम करने वाले शान अली चूड़ी बनने की हर प्रोसेस को अपलोड कर ही स्टार बनना चाहते हैं. राजस्थान के मिस्टर विश्राम अपने खेतों में पानी देने से लेकर भैंसों के प्रजनन के वीडियोज लगा रहे हैं. ये वीडियोज अपनी मर्जी से बनाए गए हैं लेकिन इसके साथ ही ट्रेनों व बसों में अनजान महिलाओं के अश्लील ऐंगल से वीडियोज भी तैरने लगे हैं. धीरे-धीरे लोग अति उत्साहित होकर इसे ट्रेंड बनाने लगेंगे और ये हैरेसमेंट व प्राइवेसी भंग करने का जरिया भी बनेगा.

इस ट्रेंड के बारे में बताते हुए वीगो प्रवक्ता ने कहा, ‘एक सकारात्मक ऐप के वातावरण को बढ़ावा देना जहां उपयोगकर्ता सुरक्षित और आरामदायक महसूस करते हैं, हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. हमारे पास एक मजबूत और कठोर सामुदायिक दिशानिर्देश है जो आपत्तिजनक सामग्री को सहन नहीं करता है और लोगों को यह समझने में मदद करता है कि प्लेटफ़ॉर्म को सकारात्मक तरीके से कैसे उपयोग किया जाए.

ज्योति-यादव “दिप्रिंट”


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